पौधों और जंतुओं में कोशिका संरचना : आसान भाषा में सम्पूर्ण जानकारी

 


पौधों और जंतुओं में कोशिका संरचना – अंतर, प्रकार और कार्य

भूमिका

कोशिका किसी भी जीव की सबसे छोटी जीवित इकाई होती है। सभी पौधे और जंतु अनेक कोशिकाओं से मिलकर बने होते हैं। कोशिका ही वह आधार है, जिससे जीवों का शरीर बनता है और जीवन से जुड़ी सभी क्रियाएं संचालित होती हैं। पौधों और जंतुओं की कोशिकाएं दिखने में कुछ हद तक समान होती हैं, लेकिन उनकी संरचना और कार्यों में कई महत्वपूर्ण अंतर पाए जाते हैं। इस लेख में हम पौधों और जंतुओं में कोशिका संरचना को आसान भाषा में विस्तार से समझेंगे।

कोशिका क्या है?

कोशिका जीवों की संरचनात्मक और क्रियात्मक इकाई होती है। यह इतनी सूक्ष्म होती है कि इसे सामान्य आंखों से नहीं देखा जा सकता। कोशिकाओं का अध्ययन कोशिका विज्ञान (Cell Biology) कहलाता है।

कोशिकाएं मुख्य रूप से दो प्रकार की होती हैं:

  1. एककोशिकीय जीव – जिनका शरीर केवल एक कोशिका से बना होता है (जैसे अमीबा)
  2. बहुकोशिकीय जीव – जिनका शरीर अनेक कोशिकाओं से मिलकर बना होता है (जैसे मनुष्य, पौधे)

कोशिका की खोज

1665 में वैज्ञानिक रॉबर्ट हुक ने सबसे पहले कॉर्क में कोशिकाओं की खोज की थी। इसके बाद कई वैज्ञानिकों ने कोशिकाओं पर अध्ययन किया और कोशिका सिद्धांत (Cell Theory) दिया।

पौधों और जंतुओं की कोशिका

पौधों और जंतुओं दोनों में यूकैरियोटिक कोशिकाएं पाई जाती हैं, यानी इनमें स्पष्ट केंद्रक (Nucleus) होता है। हालांकि, दोनों की कोशिका संरचना में कुछ अंग समान होते हैं और कुछ अलग।

कोशिका के मुख्य अंग (Cell Organelles)

1. कोशिका भित्ति (Cell Wall)

  • यह केवल पौधों की कोशिका में पाई जाती है।
  • यह कोशिका को निश्चित आकार और सुरक्षा प्रदान करती है।
  • यह सेल्यूलोज से बनी होती है।

2. कोशिका झिल्ली (Cell Membrane)

  • पौधों और जंतुओं दोनों में पाई जाती है।
  • यह कोशिका को बाहरी वातावरण से अलग करती है।
  • पदार्थों के आवागमन को नियंत्रित करती है।

3. साइटोप्लाज्म (Cytoplasm)

  • कोशिका के अंदर पाया जाने वाला अर्ध-द्रव पदार्थ।
  • सभी कोशिकांग इसी में स्थित होते हैं।
  • कोशिकीय क्रियाएं यहीं होती हैं।

4. केंद्रक (Nucleus)

  • यह कोशिका का नियंत्रण केंद्र होता है।
  • इसमें डीएनए पाया जाता है।
  • यह कोशिका विभाजन और वंशागति को नियंत्रित करता है।

5. माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria)

  • इसे कोशिका का पावरहाउस कहा जाता है।
  • ऊर्जा उत्पादन का कार्य करता है।
  • पौधों और जंतुओं दोनों में पाया जाता है।

6. राइबोसोम (Ribosome)

  • प्रोटीन निर्माण का कार्य करता है।
  • यह साइटोप्लाज्म में स्वतंत्र या ईआर से जुड़ा हो सकता है।

7. एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम (Endoplasmic Reticulum)

दो प्रकार का होता है – खुरदरा (RER) और चिकना (SER)

  • RER प्रोटीन निर्माण में सहायक होता है।
  • SER वसा निर्माण और विषैले पदार्थों को निष्क्रिय करता है।

8. गोल्जी तंत्र (Golgi Apparatus)

  • प्रोटीन और वसा का संशोधन और पैकेजिंग करता है।
  • इन्हें कोशिका के बाहर भेजने में मदद करता है।

9. लाइसोसोम (Lysosome)

  • इसे कोशिका का सफाईकर्मी कहा जाता है।
  • यह केवल जंतु कोशिकाओं में पाया जाता है।
  • पुराने और खराब अंगों को नष्ट करता है।

10. रिक्तिका (Vacuole)

  • पौधों में बड़ी रिक्तिका होती है।
  • जंतुओं में छोटी या अस्थायी रिक्तिकाएं होती हैं।
  • यह जल, भोजन और अपशिष्ट पदार्थों का भंडारण करती है।

11. हरितलवक (Chloroplast)

  • केवल पौधों की कोशिका में पाया जाता है।
  • प्रकाश संश्लेषण का कार्य करता है।
  • इसमें क्लोरोफिल नामक हरा वर्णक होता है।

पौधों और जंतुओं की कोशिका में अंतर

आधार           पौधों की कोशिका           जंतुओं की कोशिका
कोशिका भित्ति               उपस्थित           अनुपस्थित
हरितलवक               उपस्थित           अनुपस्थित
रिक्तिका               बड़ी           छोटी या अनुपस्थित
लाइसोसोम               कम           अधिक
आकार      सामान्यतः आयताकार           सामान्यतः गोल

कोशिका संरचना का महत्व

  • जीवों के विकास को समझने में सहायक
  • रोगों के कारणों को जानने में मदद
  • जैव प्रौद्योगिकी और चिकित्सा में उपयोगी
  • कृषि और पर्यावरण विज्ञान में महत्वपूर्ण

निष्कर्ष

पौधों और जंतुओं की कोशिका संरचना को समझना जीव विज्ञान की बुनियादी आवश्यकता है। यद्यपि दोनों की कोशिकाओं में कई समानताएं हैं, फिर भी उनके कार्यों और आवश्यकताओं के अनुसार कुछ विशेष अंतर पाए जाते हैं। कोशिकाओं की संरचना और उनके कार्यों का ज्ञान हमें जीवन की जटिलता और सुंदरता को समझने में मदद करता है।

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