पौधों के भाग और उनके कार्य: आसान भाषा में सम्पूर्ण जानकारी

 



भूमिका

हमारे चारों ओर दिखाई देने वाले पेड़-पौधे केवल पर्यावरण की सुंदरता बढ़ाते हैं, बल्कि पृथ्वी पर जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक भी हैं। पौधे हमें ऑक्सीजन, भोजन, औषधि, लकड़ी, रेशा और अनेक प्रकार के प्राकृतिक संसाधन प्रदान करते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि एक पौधा कैसे जीवित रहता है, बढ़ता है और फलता-फूलता है? यह सब पौधों के विभिन्न भागों और उनके विशेष कार्यों के कारण संभव हो पाता है।

इस लेख में हम पौधों के भाग और उनके कार्य को बहुत ही आसान और सरल भाषा में विस्तार से समझेंगे। यह लेख विद्यार्थियों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों और सामान्य पाठकों सभी के लिए उपयोगी है।

पौधों के मुख्य भाग

सामान्यतः एक पौधे को दो प्रमुख भागों में बांटा जाता है:

  • 1.     भूमिगत भाग (Underground Parts)
  • 2.     भूमि के ऊपर का भाग (Aerial Parts)

इन दोनों भागों के अंतर्गत पौधे के कई छोटे-बड़े हिस्से होते हैं, जिनका अपना-अपना महत्वपूर्ण कार्य होता है।

1. जड़ (Root)

जड़ पौधे का वह भाग है जो भूमि के अंदर पाया जाता है। यह पौधे का आधार होता है और उसे मिट्टी में मजबूती से टिकाए रखता है।

जड़ के कार्य

  • 1.     पौधे को सहारा देनाजड़ पौधे को जमीन में मजबूती से पकड़कर रखती है।
  • 2.     जल और खनिज लवणों का अवशोषणजड़ मिट्टी से पानी और खनिज तत्वों को अवशोषण करती है।
  • 3.     भोजन का भंडारणगाजर, मूली, शलजम जैसी जड़ों में भोजन संग्रहित रहता है।
  • 4.     पौधे का विकासजड़ से अवशोषित पोषक तत्व पूरे पौधे के विकास में सहायक होते हैं।

जड़ के प्रकार

  • ·       मुख्य जड़ (Tap Root)जैसे: आम, नीम
  • ·       रेशेदार जड़ (Fibrous Root)जैसे: गेहूं, धान
  • ·       सहायक जड़ (Adventitious Root)जैसे: बरगद

2. तना (Stem)

तना पौधे का वह भाग है जो जड़ से ऊपर की ओर बढ़ता है और पत्तियों, फूलों फलों को सहारा देता है।

तने के कार्य

  • 1.     सहारा देनातना पौधे के ऊपरी भागों को सहारा देता है।
  • 2.     पोषक तत्वों का परिवहनजड़ से जल और खनिज ऊपर तक तथा पत्तियों में बना भोजन पूरे पौधे तक पहुंचाता है।
  • 3.     भोजन का भंडारणगन्ना और आलू जैसे तनों में भोजन संग्रहित रहता है।
  • 4.     प्रकाश संश्लेषण कुछ हरे तनों में भोजन निर्माण भी होता है।

तने के प्रकार

  • ·       नरम तनाजैसे: गेहूं
  • ·       कठोर तनाजैसे: आम
  • ·       भूमिगत तनाजैसे: आलू

3. पत्ती (Leaf)

पत्ती पौधे का सबसे महत्वपूर्ण भाग मानी जाती है क्योंकि यहीं भोजन का निर्माण होता है।

पत्ती के भाग

  • ·       पर्णवृंत
  • ·       पर्णफलक
  • ·       शिराएं

पत्ती के कार्य

  • 1.     भोजन निर्माण (Photosynthesis)पत्तियां सूर्य के प्रकाश की सहायता से भोजन बनाती हैं।
  • 2.     श्वसनपत्तियों में गैसों का आदान-प्रदान होता है।
  • 3.     वाष्पोत्सर्जनपत्तियों द्वारा अतिरिक्त जल बाहर निकलता है।
  • 4.     भोजन का भंडारणकुछ पत्तियों में भोजन जमा रहता है।

4. फूल (Flower)

फूल पौधे का प्रजनन अंग होता है। इसी से फल और बीज बनते हैं।

फूल के भाग

  • ·       बाह्यदल
  • ·       दल
  • ·       पुंकेसर
  • ·       स्त्रीकेसर

फूल के कार्य

  • 1.     प्रजनननए पौधों का निर्माण।
  • 2.     परागण में सहायताकीटों और हवा द्वारा परागण होता है।

5. फल (Fruit)

फल फूल के निषेचन के बाद विकसित होता है।

फल के कार्य

  • 1.     बीजों की सुरक्षा
  • 2.     बीजों के फैलाव में सहायता
  • 3.     मनुष्य और जीवों के लिए भोजन

6. बीज (Seed)

बीज में नया पौधा बनने की क्षमता होती है।

बीज के कार्य

  • 1.     नया पौधा उत्पन्न करना
  • 2.     भोजन संग्रह
  • 3.     प्रजाति की निरंतरता

पौधों के अन्य विशेष भाग

1. कांटे

  • ·       सुरक्षा प्रदान करते हैं।
  • ·       जल की हानि कम करते हैं।

2. कुंडल (Tendrils)

·       पौधों को सहारा देने में मदद करते हैं।

3. रंध्र (Stomata)

·       श्वसन और वाष्पोत्सर्जन में सहायक।

पौधों का जीवन में महत्व

  • 1.     ऑक्सीजन प्रदान करना
  • 2.     पर्यावरण संतुलन बनाए रखना
  • 3.     भोजन और औषधि का स्रोत
  • 4     जलवायु नियंत्रण

निष्कर्ष

पौधे प्रकृति का अमूल्य उपहार हैं। उनके हर भाग का कोई कोई विशेष कार्य होता है, जो केवल पौधे के जीवन के लिए बल्कि मानव जीवन के लिए भी अत्यंत आवश्यक है। यदि हम पौधों के भागों और उनके कार्यों को सही तरीके से समझें, तो हम प्रकृति के महत्व को और गहराई से जान सकते हैं। इसलिए हमें अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी रक्षा करने का संकल्प लेना चाहिए।

 

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