कोशिका: संरचना और कार्य (Cell: Structure and Function in Hindi)
भूमिका (Introduction)
जीव विज्ञान (Biology) में कोशिका (Cell) को जीवन की सबसे छोटी और मूल इकाई माना जाता है। पृथ्वी पर पाए जाने वाले सभी जीव—चाहे वे पौधे हों, जानवर हों या सूक्ष्म जीव—सभी कोशिकाओं से बने होते हैं। कोशिका के बिना जीवन की कल्पना करना संभव नहीं है। इसी कारण कोशिका को जीवन की आधारशिला कहा जाता है।
कोशिका न केवल जीव की संरचना बनाती है, बल्कि शरीर के सभी महत्वपूर्ण कार्यों जैसे—श्वसन, पोषण, उत्सर्जन, वृद्धि और प्रजनन—का संचालन भी करती है। इस लेख में हम कोशिका की संरचना और उसके विभिन्न कार्यों को आसान भाषा में विस्तार से समझेंगे।
कोशिका क्या है? (What is a Cell?)
कोशिका जीवों की सबसे छोटी संरचनात्मक और क्रियात्मक इकाई है, जो स्वतंत्र रूप से जीवन की सभी आवश्यक क्रियाएं कर सकती है।
सन् 1665 में रॉबर्ट हुक ने पहली बार कॉर्क (Cork) में कोशिका की खोज की थी।
परिभाषा:
👉 कोशिका जीवों की वह सबसे छोटी इकाई है, जो जीवन की सभी क्रियाओं को संपन्न करती है।
कोशिका सिद्धांत (Cell Theory)
कोशिका सिद्धांत तीन प्रमुख वैज्ञानिकों—श्लाइडेन, श्वान और विरचो—द्वारा दिया गया।
कोशिका सिद्धांत के मुख्य बिंदु:
- सभी जीव कोशिकाओं से बने होते हैं।
- कोशिका जीवन की सबसे छोटी इकाई है।
- नई कोशिकाएं पहले से मौजूद कोशिकाओं से बनती हैं।
कोशिका के प्रकार (Types of Cells)
1. एककोशिकीय जीव (Unicellular Organisms)
ऐसे जीव जिनका पूरा शरीर केवल एक ही कोशिका से बना होता है।
उदाहरण: अमीबा, पैरामीशियम, बैक्टीरिया
2. बहुकोशिकीय जीव (Multicellular Organisms)
ऐसे जीव जिनका शरीर अनेक कोशिकाओं से मिलकर बना होता है।
उदाहरण: मनुष्य, पौधे, पशु
कोशिका की संरचना (Structure of Cell)
कोशिका की संरचना को मुख्य रूप से तीन भागों में बांटा गया है:
- कोशिका भित्ति / कोशिका झिल्ली
- कोशिकाद्रव्य
- केन्द्रक
आइए इन्हें विस्तार से समझते हैं।
1. कोशिका भित्ति और कोशिका झिल्ली (Cell Wall & Cell Membrane)
(क) कोशिका झिल्ली (Cell Membrane)
कोशिका झिल्ली कोशिका को चारों ओर से घेरे रहती है। यह अर्धपारगम्य (Semi-permeable) होती है।
कार्य:
- कोशिका के अंदर और बाहर पदार्थों का आवागमन नियंत्रित करना
- कोशिका को आकार देना
- कोशिका की सुरक्षा करना
👉 सभी कोशिकाओं में कोशिका झिल्ली पाई जाती है।
(ख) कोशिका भित्ति (Cell Wall)
कोशिका भित्ति केवल पौधों की कोशिकाओं में पाई जाती है। यह सेलूलोज से बनी होती है।
कार्य:
- कोशिका को मजबूती देना
- कोशिका को टूटने से बचाना
- पौधे को सीधा खड़ा रखने में सहायता करना
2. कोशिकाद्रव्य (Cytoplasm)
कोशिका झिल्ली और केन्द्रक के बीच का जेली जैसा द्रव कोशिकाद्रव्य कहलाता है। इसमें कोशिका के सभी अंग पाए जाते हैं।
कार्य:
- रासायनिक क्रियाओं का संचालन
- कोशिकांगों को स्थान प्रदान करना
- पोषक तत्वों का परिवहन
3. केन्द्रक (Nucleus)
केन्द्रक को कोशिका का नियंत्रण केंद्र (Control Center) कहा जाता है। यह अधिकांश यूकैरियोटिक कोशिकाओं में पाया जाता है।
केन्द्रक के भाग:
- केन्द्रकीय झिल्ली
- केन्द्रकीय रस
- क्रोमैटिन तंतु
- न्यूक्लियोलस
कार्य:
- कोशिका की सभी क्रियाओं को नियंत्रित करना
- आनुवंशिक गुणों को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचाना
- कोशिका विभाजन में सहायता करना
कोशिकांग (Cell Organelles) और उनके कार्य
1. माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria)
इसे कोशिका का पावरहाउस कहा जाता है।
कार्य:
- ऊर्जा (ATP) का उत्पादन
- श्वसन क्रिया में सहायता
2. राइबोसोम (Ribosomes)
राइबोसोम बहुत छोटे कण होते हैं।
कार्य:
- प्रोटीन का निर्माण
3. एन्डोप्लाज्मिक रेटिकुलम (Endoplasmic Reticulum)
यह दो प्रकार का होता है:
- खुरदुरा (RER)
- चिकना (SER)
कार्य:
- प्रोटीन और लिपिड का परिवहन
- विषैले पदार्थों का निस्तारण
4. गोल्जी तंत्र (Golgi Apparatus)
कार्य:
- प्रोटीन और लिपिड को संशोधित करना
- उन्हें पैकेट बनाकर बाहर भेजना
5. लाइसोसोम (Lysosome)
इसे कोशिका का सफाईकर्मी कहा जाता है।
कार्य:
- बेकार और नष्ट कोशिकांगों को पचाना
- कोशिका की सफाई करना
6. रिक्तिका (Vacuole)
यह विशेष रूप से पौधों की कोशिकाओं में बड़ी होती है।
कार्य:
- जल और भोजन का संग्रह
- कोशिका का दबाव बनाए रखना
7. क्लोरोप्लास्ट (Chloroplast)
केवल हरे पौधों में पाया जाता है।
कार्य:
- प्रकाश संश्लेषण करना
- भोजन का निर्माण
पादप कोशिका और जंतु कोशिका में अंतर
| आधार | पादप कोशिका | जंतु कोशिका |
|---|---|---|
| कोशिका भित्ति | होती है | नहीं होती |
| क्लोरोप्लास्ट | होता है | नहीं होता |
| रिक्तिका | बड़ी | छोटी या अनुपस्थित |
| आकार | आयताकार | गोल/अनियमित |
कोशिका विभाजन (Cell Division)
कोशिका विभाजन दो प्रकार का होता है:
- माइटोसिस
- मियोसिस
महत्व:
- वृद्धि
- घाव भरना
- प्रजनन
कोशिका का महत्व (Importance of Cell)
- जीवन की आधारभूत इकाई
- सभी जैविक क्रियाओं का संचालन
- आनुवंशिक जानकारी का वहन
- शरीर की वृद्धि और विकास
निष्कर्ष (Conclusion)
कोशिका जीवन की सबसे छोटी लेकिन सबसे महत्वपूर्ण इकाई है। कोशिका की संरचना जितनी जटिल है, उसके कार्य उतने ही महत्वपूर्ण हैं। कोशिका के बिना किसी भी जीव का अस्तित्व संभव नहीं है। इसलिए यह कहना गलत नहीं होगा कि कोशिका ही जीवन है।
