शॉर्ट नोट्स: बिहार की सात निश्चय योजना-2।

 Q. शॉर्ट नोट्स: बिहार की सात निश्चय योजना-2।

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बिहार के समग्र और समावेशी विकास (Holistic and Inclusive Development) को गति प्रदान करने तथा 'आत्मनिर्भर बिहार' के विजन को धरातल पर उतारने के लिए राज्य सरकार द्वारा सुशासन के कार्यक्रम (2020-2025) के तहत सात निश्चय योजना-2 की शुरुआत की गई है। प्रथम सात निश्चय (2015-2020) की बुनियादी सफलताओं—जैसे जल, बिजली और सड़क संपर्क—के उपरांत, यह द्वितीय चरण राज्य में मानव पूंजी निर्माण, अवसंरचना विकास और तकनीकी नवाचार पर केंद्रित एक दूरदर्शी नीतिगत ढांचा है।

सात निश्चय-2 के सात प्रमुख स्तंभ (निश्चय) और उनका लक्ष्य

इस योजना के अंतर्गत निम्नलिखित सात प्राथमिकताएं निर्धारित की गई हैं, जो राज्य के सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य को बदलने की क्षमता रखती हैं:

  • निश्चय 1: युवा शक्ति, बिहार की प्रगति

    युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण और कौशल विकास से जोड़ना। प्रत्येक जिले में मेगा स्किल सेंटर और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना इसका मुख्य भाग है। इसके तहत बिहार उद्यमिता नीति को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

  • निश्चय 2: सशक्त महिला, सक्षम महिला

    महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करने हेतु परियोजना लागत का 50% (अधिकतम ₹5 लाख) का अनुदान तथा ₹5 लाख का ब्याज-मुक्त ऋण देने का प्रावधान है। उच्च शिक्षा को प्रेरित करने के लिए इंटर पास अविवाहित महिलाओं को ₹25,000 और स्नातक उत्तीर्ण महिलाओं को ₹50,000 की आर्थिक सहायता सुनिश्चित की गई है।

  • निश्चय 3: हर खेत तक सिंचाई का पानी

    कृषि-प्रधान बिहार में मानसून पर निर्भरता कम करने के लिए जल संसाधन विकास और माइक्रो-इरिगेशन (सूक्ष्म सिंचाई) तकनीकों का विस्तार कर कृषि उत्पादकता को बढ़ाना।

  • निश्चय 4: स्वच्छ गाँव, समृद्ध गाँव

    ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर सुधारने के लिए मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना के साथ-साथ ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन (Solid & Liquid Waste Management) पर विशेष जोर दिया गया है।

  • निश्चय 5: स्वच्छ शहर, विकसित शहर

    शहरीकरण की बढ़ती गति को व्यवस्थित करने के लिए शहरी गरीबों के वास्ते बहुमंजिला आवास, वृद्धजनों हेतु आश्रय स्थल (वृद्धाश्रम) तथा सभी प्रमुख शहरों में मोक्षधाम (विद्युत शवदाह गृह) का निर्माण।

  • निश्चय 6: सुलभ संपर्कता

    राज्य के दूर-दराज के गाँवों को मुख्य सड़क नेटवर्क, प्रखंडों, और अनुमंडलों से जोड़ने हेतु नई सड़कों एवं बाईपास/फ्लाईओवर का निर्माण।

  • निश्चय 7: सबके लिए अतिरिक्त स्वास्थ्य सुविधा

    प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHCs) का सुदृढ़ीकरण और टेलीमेडिसिन सेवाओं का विस्तार। साथ ही, पशुओं के लिए उन्नत स्वास्थ्य प्रबंधन हेतु 'पशु स्वास्थ्य कार्ड' जैसी सुविधाएं प्रदान करना।

योजना का बिहार के परिप्रेक्ष्य में महत्व

  • सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की प्राप्ति: यह योजना नीति आयोग के बहुआयामी गरीबी सूचकांक (MPI) में बिहार की स्थिति को सुधारने तथा SDG-4 (गुणवत्तापूर्ण शिक्षा), SDG-5 (लैंगिक समानता) और SDG-8 (उत्कृष्ट कार्य और आर्थिक विकास) के लक्ष्यों के पूर्णतया अनुरूप है।

  • जनसांख्यिकीय लाभांश (Demographic Dividend) का दोहन: बिहार की बड़ी आबादी युवा है। तकनीकी कौशल और उद्यमिता को बढ़ावा देकर यह योजना 'ब्रेन ड्रेन' (प्रतिभा पलायन) को रोक सकती है।

  • कृषि का लचीलापन (Agricultural Resilience): 'हर खेत तक सिंचाई' राज्य की लगभग 76% कृषि-आश्रित आबादी को जलवायु परिवर्तन और अनियमित मानसून के दुष्प्रभावों से बचाने में सहायक सिद्ध होगी।

कार्यान्वयन में प्रमुख चुनौतियाँ

  • वित्तीय सुदृढ़ता का दबाव: इतनी व्यापक कल्याणकारी योजनाओं के लिए भारी पूंजीगत परिव्यय (Capital Outlay) की आवश्यकता है, जिससे राज्य के राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) पर दबाव पड़ सकता है।

  • प्रशासनिक इच्छाशक्ति और लीकेज: जमीनी स्तर पर योजनाओं का पारदर्शी क्रियान्वयन, निविदाओं (Tenders) में भ्रष्टाचार को रोकना और परिसंपत्तियों (Assets) का दीर्घकालिक रखरखाव एक बड़ी चुनौती है।

  • निगरानी तंत्र: विभागों के मध्य समन्वय का अभाव और रियल-टाइम डेटा मॉनिटरिंग की कमी से कई बार योजनाओं की गति धीमी पड़ जाती है।

आगे की राह

सात निश्चय-2 बिहार को 'बीमारू' (BIMARU) राज्य की छवि से बाहर निकालकर एक औद्योगिक और कौशल-संपन्न राज्य बनाने का एक ब्लूप्रिंट है। इन निश्चयों की वास्तविक सफलता सुनिश्चित करने के लिए त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं (PRIs) की क्षमता निर्माण, ई-गवर्नेंस (e-Governance) के माध्यम से 'जीरो टॉलरेंस' नीति और योजनाओं के सामाजिक अंकेक्षण (Social Audit) को अनिवार्य बनाया जाना चाहिए। राज्य और निजी क्षेत्र की भागीदारी (PPP मॉडल) को बढ़ावा देने से वित्तीय बाधाओं को कम किया जा सकेगा, जिससे 'विकसित बिहार' का संकल्प अपनी तय समय-सीमा में पूर्ण हो सकेगा।

योजनाओं के विस्तृत और बिंदुवार विश्लेषण के लिए आप यह स्रोत देख सकते हैं: सात निश्चय योजना 2 बिहार | Saat Nishchay Yojana Part 2 Bihar

यह वीडियो आपको द्वितीय चरण की सभी योजनाओं और उनके लक्ष्यों को आसानी से समझने में मदद करेगा।

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