भारत की कृषि एवं पशुपालन | कृषि किसे कहते हैं | पशुपालन किसे कहते हैं

भारत की कृषि एवं पशुपालन | कृषि किसे कहते हैं | पशुपालन किसे कहते हैं


General Competition | Geography | भारत की कृषि एवं पशुपालन

  • कृषि राज्य सूची का विषय है।
  • अंतरिम मंत्रिमंडल और स्वतंत्र भारत के प्रथम मंत्रिमंडल में देश के खाद्य एवं कृषि मंत्री राजेन्द्र प्रसाद बने थे ।
  • विश्व का प्रमुख खाद्य फसल गेहूँ है । वही भारत का प्रमुख खाद्य फसल चावल है।
  • विश्व के वैसे क्षेत्र जहाँ चावल का उत्पादन ज्यादा होता है सामान्यतः वहाँ की जनसंख्या अधिक होती है।
  • हरित क्रांति : शब्द का प्रयोग विलियम गॉट। इसका संबंध खाद्यान्न उत्पादन से है। विश्व में हरित क्रांति लाने का श्रेय नॉर्मन बोरलॉग को माना जाता है । वही भारत में हरित क्रांति का जनक एम० एस० स्वामीनाथन को माना जाता है। भारत में हरित क्रांति 1967-68 में आयी है इसके बाद ही भारत खाद्यान्न के उत्पादन में आत्मनिर्भर बन पाया।
  • हरित क्रांति का सर्वाधिक प्रभाव गेहूँ के उत्पादन पर पड़ा है। गेहूँ के बाद चावल के उत्पादन पर वही हरित क्रांति आने से मोटे अनाज के उत्पादन में कमी हुई है।
  • 1960 ई॰ में उत्तराखण्ड के पंतनगर में भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने गोविंद वल्लभ पंत कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना की। इस विश्वविद्यालय में हरित क्रांति को सफल बनाने में अपना महत्त्वपूर्ण योगदान दिया।
  • श्वेत क्रांति : इसका संबंध दुग्ध उत्पादन से है। इस क्रांति को लाने का श्रेय डॉ. वर्गीज कुरियन को जाता है। इस क्रांति को सफल बनाने हेतु 1970 ई० में ऑपरेशन फ्लड कार्यक्रम की शुरूआत की गई है। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के द्वारा चलाया गया है। श्वेत क्रांति को सफल बनाने में सबसे अहम योगदान AMUL (Anand Milk Union Limited) का है।
  • श्वेत क्रांति से सबसे ज्यादा लाभांवित क्षेत्र पश्चिमी भारत है। खास तौर पर गुजरात सबसे ज्यादा ला नांत्रित हुआ है वही हरित क्रांति से सबसे अधिक लाभांवित क्षेत्र उत्तरी भारत रहा है वही राज्यों के दृष्टिकोण से देखें तो पंजाब में सबसे अधिक लाभांवित रहा है।
  • नीली क्रांति : इसका संबंध उत्पादन से है। इस क्रांति से सबसे धक लाभांवित क्षेत्र दक्षिण भारत है वही राज्यों के दृष्टिकोण से आंध्र प्रदेश है।
  • Note : आंध्र प्रदेश के नेल्लौर जिला को झींगा मछली का राजधानी नगर कहा जाता है।
क्रांतिसंबंध / क्षेत्र
लाल क्रांतिटमाटर और मांस उत्पाद
गोल क्रांतिआलू उत्पादन
मूक क्रांतिमोटे अनाज
परामणि क्रांतिभिंडी उत्पादन
पीली क्रांतितिलहन उत्पादन
काली क्रांति / कृष्ण क्रांतिपेट्रोलियम उत्पादन / बायो डीजल उत्पादन
सेफ्रॉन क्रांतिकेसर उत्पादन
रजत क्रांतिअंडा उत्पादन
अमृत क्रांतिनदी जोड़ो परियोजना
सुनहरी / स्वर्ण क्रांतिफल एवं सब्जी उत्पादन / बागवानी कृषि
सुनहरा रेशा क्रांतिजूट उत्पादन
गुलाबी क्रांतिझींगा मछली / प्याज / औषधि उत्पादन
भूरी क्रांतिउर्वरक उत्पादन
  • ऋतु के आधार पर भारतीय फसल को तीन वर्गों में बाँटा गया है-
    1. रबी फसल : वैसी फसल जिसकी बुआई अक्टूबर-नवम्बर में हो तथा कटाई मार्च-अप्रैल में हो रबी फसल कहलाता है। यह शीतकालीन फसल है। पश्चिमी विक्षोभ इस फसल के लिए लाभदायक माना जाता है। जैसे-गेहूँ, चना, मटर, सरसों, आलू इत्यादि।
    2. खरीफ फसल : वैसी फसल जिसकी बुआई जून-जुलाई और कटाई अक्टूबर-नवम्बर में हों, खरीफ फसल कहलाता है। यह ग्रीष्म तथा वर्षाकालीन फसल है। इस फसल हेतु दक्षिण-पश्चिम मॉनसून लाभदायक होता है। इसके प्रमुख उदाहरण–धान, ज्वार, बाजरा, कपास, मक्का, सोयाबीन, मूँगफली, अरहर इत्यादि ।
    3. जायद फसल : वैसी फसल जिसकी बुआई अप्रैल-मई में तथा कटाई मई-जून में हो जायद फसल कहलाता है। जैसे- खीरा, ककड़ी, तरबूज, खरबूज इत्यादि ।
  • भारत में जैविक कृषि को बढ़ावा देने हेतु 10वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान अक्टूबर, 2004 में राष्ट्रीय जैविक खेती परियोजना की शुरूआत की गई।
  • जैविक कृषि पद्धति के तहत शत-प्रतिशत खेती करने वाला भारत का प्रथम राज्य सिक्किम (2016) बना।
  • वैश्विक स्तर पर जैविक खेती को अपनाने वाला प्रथम देश क्यूबा बना ।
  • जैविक कृषि का जनक खेती अलबर्ट हावर्ड को माना जाता है।
  • बागानी कृषि पद्धति : बागान या बगीचा लगाकर फल-फूल सब्जी जैसे खाद्य पदार्थों का जो उत्पादन किया जाता है, उसे ही बागानी कृषि कहते हैं। बागानी कृषि का संबंध हॉर्टीकल्चर से है। ट्रक फार्मिंग का प्रयोग बागानी कृषि हेतु किया जाता है।
  • गहन कृषि : जीविकोपार्जन हेतु की गई कृषि को गहन कृषि कहा जाता है।
  • शस्य गहनता : किसी एक भूमि पर एक फसल वर्ष में फसल उत्पादन की बारंबारता शस्य गहनता कहलाती है। भारत में सबसे अधिक शस्य गहनता पंजाब राज्य का है वही दूसरे और तीसरे स्थान पर क्रमशः हरियाणा और पश्चिम बंगाल है।
  • मिश्रित कृषि : जब किसान फसल उत्पादन के साथ-साथ पशुपालन का भी कार्य करता है, उसे ही मिश्रित कृषि कहा जाता है।
  • युग्म पैदावार कृषि : एक साथ एक ही बार में एक ही खेत में एक साथ एक ही बार में दो फसलों का उत्पादन करना युग्म पैदावार कृषि कहलाता है। जैसे- गेहूँ और सरसो, आलू और मूली इत्यादि।
  • Note : भारतीय कृषि मॉनसून पर निर्भर होता है। अगर मॉनसून ठीक-ठाक रहता है तो कृषि में उत्पादन अच्छा होता है और अगर मॉनसून ठीक नहीं होता है तो कृषि उत्पादन अच्छा नहीं होता है इसलिए भारतीय कृषि को मॉनसून की जुआ कहा जाता है।
  • विस्तृत कृषि : यह कृषि मुख्यत: विकसित देशों में होती है। इस कृषि में कृषि कार्य आधुनिक तकनीकी मशीन से किया जाता है। इस कृषि में मानव श्रम का महत्व बहुत कम होता है। भारत में हरित क्रांति आने के बाद पंजाब और हरियाणा के क्षेत्र में इस प्रकार की कृषि की जा रही है।
  • हवा में पौधा उगाना एयरोपानिक्स कहलाता है।
  • जल में पौधा उगाना हाइडोपोनिक्स कहलाता है।
  • बागवानी उत्पादन हॉर्टीकल्चर कहलाता है।
  • रेशम कीट पालन सेरीकल्चर कहलाता है।
  • मधुमक्खी पालन एपीकल्चर कहलाता है।
  • अंगूर उत्पादन विटीकल्चर कहलाता है।
  • फूलों का उत्पादन फ्लोरीकल्चर कहलाता है।
  • केंचुआ पालन वर्मीकल्चर कहलाता है। 
  • मत्स्य पालन पीसीकल्चर कहलाता है।
  • सब्जियों का उत्पादन ओलेरीकल्चर कहलाता है।
  • फलों का उत्पादन पोमीकल्चर कहलाता है।
भारत के प्रमुख खाद्य फसल:
  • चावल : इसका वैज्ञानिक नाम Oryza Sativa है। यह एक उष्ण फसल है। इस फसल के उत्पादन हेतु 20°C-30°C तापमान तथा 100 cm-150.cm वर्षा की आवश्यकता होती है। इस फसल के उत्पादन हेतु सबसे उपयुक्त जलोढ़ मिट्टी मानी जाती है।
  • भारत के सर्वाधिक भू-भाग पर चावल की खेती की जाती है।
  • भारत के भीतर दो राज्य 1. पश्चिम बंगाल, 2. तमिलनाडु में सालों भर चावल की खेती की जाती है। ओस (शरदकालीन) अमन (शीतकालीन) बोरो (ग्रीष्मकालीन) मुख्यतः पश्चिम बंगाल में उगायी जाने वाली चावल की किस्म है।
  • धान में होने वाला प्रमुख रोग खैरा है।
  • दिश्व चावल अनुसंधान केन्द्र फिलीपींस की राजधानी मनीला में है वही राष्ट्रीय चावल अनुसंधान केन्द्र कटक (ओडिशा) में है।
  • Golden rice में विटामिन ए प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।
  • पॉलिश किए हुए चावल में विटामिन B की कमी होती है।
  • चावल को अधिक धोने से विटामिन समाप्त हो जाती है। 
  • विश्व में चावल का सबसे ज्यादा उत्पादन चीन करता हैं तो वही भारत में चावल का सबसे ज्यादा उत्पादन पश्चिम बंगाल राज्य करता है। (जापान प्रति हेक्टेयर)
  • गेहूँ : इसका वैज्ञानिक नाम Triticum sativum है। यह एक शीतोष्ण कटिबंधीय तथा रबी फसल है। गेहूँ के उत्पादन हेतु तापमान 10°C-25°C होना चाहिए। गेहूँ की बुआई के समय तापमान 10°C - 15°C वृद्धि होने के समय तापमान 15°C 20°C तथा कटाई कं समय तापमान 20°C - 25°C होनी चाहिए। गेहूँ हेतु वर्षा 50 cm-75 cm होनी चाहिए।
  • गेहूँ के लिए दोमट एवं चारनोजम मिट्टी उपयुक्त होती है।
  • कर्नालत्रंट रोग और रस्ट रोग गेहूँ में होने वाला रोग हैं।
  • सोनालिका, कल्याण सोना, Raj 3077, अर्जुन इत्यादि गेहूँ की किस्में है ।
  • गेहूँ में 65-70% कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है तथा 8-10% प्रोटीन पाया जाता है।
  • Note : एक आम मानव को सबसे ज्यादा कार्बोहाइड्रेट की प्राप्ति चावल से होती है।
  • विश्व में सबसे ज्यादा गेहूँ का उत्पादन चीन करता है वही भारत का स्थान इसमें दूसरा है।
  • भारत में सबसे ज्यादा गेहूँ का उत्पादन उत्तर प्रदेश राज्य करता है तथा प्रति हेक्टेयर के दृष्टिकोण से सबसे ज्यादा उत्पादन पंजाब राज्य करता है | (USA प्रति हेक्टेयर)
  • विश्व में गेहूँ की सबसे बड़ी मंडी कनाडा के विनिपेग शहर में स्थित है।
  • यूक्रेन को रोटी की डलिया कहा जाता है।
  • प्रेयरी घास के मैदान को उत्तरी अमेरिका महादेश में तथा पम्पास घास के मैदान को दक्षिणी अमेरिका महादेश में रोटी की डलिया कहा जाता है।
  • चाय : यह एक पेय पदार्थ है। इसका जन्मदाता चीन को माना जाता है। चाय की खेती के लिए सस्ता महिला श्रमिकों का होना आवश्यक है। भारत में चाय का बागान सर्वप्रथम अंग्रेजों के द्वारा 1841 ई० में पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग पहाड़ी में लगाया गया था।
  • चाय की खेती के लिए 25- 30°C तापमान, लैटेराइट मिट्टी, 150-200 cm वर्षा, ढालनुमा भूमि होनी चाहिए ।
  • चाय में थीन, कॉफी में कैफीन और तंबाकू में निकोटिन पाया जाता है।
  • विश्व में सबसे ज्यादा चाय का उत्पादन चीन करता है वही भारत में सबसे ज्यादा चाय का उत्पादन असम राज्य करता है।
  • भारतीय चाय बोर्ड कोलकाता में स्थित है। 
  • हमलोग चाय के पत्ती का उपयोग करते हैं तथा कॉफी के बीज का उपयोग करते हैं।
  • कॉफी / कहवा : यह भी एक पेय पदार्थ है। इसका जन्मदाता देश इथियोपिया को माना जाता है। यह सर्वप्रथम कर्नाटक के बाबाबूदान की पहाड़ी में लगाया गया था । विश्व में सबसे ज्यादा कॉफी का उत्पादन ब्राजील करता है तो वही भारत में सबसे ज्यादा कॉफी का उत्पादन कर्नाटक राज्य करता है। 
  • कॉफी उत्पादन के लिए तापमान 20-30°C, 150-200 cm वर्षा, भूमि ढालुनुमा और लैटेराइट या दोमट मिट्टी होनी चाहिए।
  • भारत में दो प्रकार की कॉफी अरेबिका और रोबास्टा का उत्पादन करता है, जिसमें भारत सबसे ज्यादा अरेबिका किस्म के कॉफी का उत्पादन करता है ।
  • Note : तमिलनाडु में स्थित नीलगिरि की पहाड़ी में चाय और कॉफी दोनों का उत्पादन किया जाता है।
  • भारतीय चाय कोलकाता बंदरगाह से सबसे ज्यादा ब्रिटेन को निर्यात किया जाता है।
  • नगदी फसल : वैसी फसल जिसको बेचने से हमें नगद रुपया की प्राप्ति गोटी है, नगदी फसल कहलाता है। जैसे - तंबाकू, गन्ना, चाय, कॉफी, मक्का, जूट etc.
  • तंबाकू : यह एक नशीला पदार्थ है इसे भारत लाने का श्रेय पुर्तगालियों को जाता है। तंबाकू के उत्पादन में विश्व में प्रथम स्थान चीन को प्राप्त है वही भारत का स्थान दूसरा है। भारत में सबसे ज्यादा तंबाकू आंध्र प्रदेश के द्वारा उगाया जाता है।
  • तंबाकू के उत्पादन हेतु न्यूनतम तापमान और कम वर्षा की आवश्यकता होती है। तंबाकू जलोढ़ तथा काली मिट्टी में उगाया जाता हैं।
  • तंबाकू के तने का प्रयोग पोटाश उर्वरक / औषधि बनाने में किया जाता है।
  • जूट : यह एक अखाद्य खरीफ फसल है। इसे भारत का स्वर्णिम तंतु (गोल्डन फाइबर ऑफ इंडिया) कहा जाता है। विश्व में सबसे ज्यादा जूट का उत्पादन बांग्लादेश करता है वही भारत में सबसे ज्यादा उत्पादन प० बंगाल राज्य करता है।
  • रेशम : विश्व में सबसे ज्यादा रेशम का उत्पादन चीन करता है वही रेशम उत्पादन में भारत का स्थान दूसरा है। विश्व का एकमात्र देश भारत है जहाँ पाँच किस्म के रेशम का उत्पादन होता है जो निम्न हैं- 1. मलबरी, 2. मूंगा, 3. इरी, 4. ट्रॉपिकल टसर, 5. ओक टसर ।
  • विश्व का एकमात्र देश भारत है जो मूँगा रेशम का उत्पादन करता है। भारत में हरित क्रांति लाने का श्रेय भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू को जाता है वही भारत में हरित क्रांति इंदिरा गाँधी के शासनकाल में शुरू हुआ था।


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