जलवायु (Climate) | भारत का भूगोल (Geography of India) | NCERT One Liner

जलवायु (Climate) | भारत का भूगोल (Geography of India) | NCERT One Liner


NCERT One Liner | भारत का भूगोल (Geography of India) | जलवायु (Climate)

किसी क्षेत्र की जलवायु को निर्धारित करने वाला मुख्य कारक कौन सा है?
⇒ अक्षांशीय अवस्थिति
भारत में ग्रीष्म कालीन मानसून के प्रवाह की सामान्य दिशा क्या है?
 दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व
भारत के उत्तरी-पश्चिमी मैदानों में शीत ऋतु में किसके प्रभाव से वर्षा होती है?
 पश्चिमी विक्षोभों के प्रभाव से
भारत के किन राज्यों में शरद ऋतु में वर्षा होती है?
⇒ पंजाब एवं तमिलनाडु
भारत में औसत वार्षिक वर्षा कितनी है?
⇒ लगभग 125 सेमी.
भारत में सर्वाधिक वर्षा किन क्षेत्रों में होती है?
⇒ पश्चिमी घाट, पूर्वी हिमालय तथा मेघालय
भारतीय उपमहाद्वीप पर ग्रीष्म ऋतु में उच्च ताप और निम्न दाब, हिन्द महासागर से वायु का कर्षण (Draws) करते हैं जिसके कारण प्रवाहित होती है
 दक्षिण-पश्चिमी मानसून
पश्चिम बंगाल और असम में ग्रीष्म ऋतु में चलने वाली पवनों को स्थानीय भाषा में क्या कहते हैं?
⇒ काल बैशाखी तथा चाय वर्षा
भारत में सबसे कम वर्षा वाला स्थान कौन सा है?
⇒ लेह
कोपेन (Koppen) ने वर्ष 1918 में विश्व की जलवायु को कितने वर्गों में विभाजित किया?
 पाँच

जलवायु निर्धारण के आधार

  1. वार्षिक एवं मासिक औसत तापमान
  2. वार्षिक एवं मासिक वर्षा
  3. वनस्पति

कोपेन की योजना के अनुसार भारत के जलवायु प्रदेश

जलवायु के प्रकारवर्ण संकेतक्षेत्र
लघु शुष्क ऋतु
वाची मानसूनी जलवायु
Amw
गोवा के दक्षिण में, भारत का पश्चिमी तट
शुष्क ग्रीष्म ऋतुAsतमिलनाडु का कोरोमंडल तट
उष्ण कटिबंधीय सवाना जलवायुAwकर्क रेखा के दक्षिण में प्रायद्वीपीय पठार का अधिकांश भाग
अर्द्ध शुष्क स्टेपी जलवायुBShwउत्तर-पश्चिमी गुजरात, पश्चिमी राजस्थान और पंजाब के कुछ भाग
उष्ण मरुस्थलीय जलवायुBWhwराजस्थान का सबसे पश्चिमी भाग
शुष्क शीत ऋतुCwgगंगा का मैदान, पूर्वी राजस्थान, उत्तरी मध्य प्रदेश, उत्तर पूर्वी भारत का अधिकतर प्रदेश
लघु ग्रीष्म तथा शीत आर्द्र ऋतुDfcअरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, असम
ध्रुवीय तुल्य जलवायुEजम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखण्ड
टुण्ड्रा तुल्य जलवायुEtउत्तराखण्ड के पर्वतीय क्षेत्र

अन्त: उष्णकटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र (ITCZ)

ITCZ एक निम्न वायुदाब पट्टी है, जो पृथ्वी के चारों ओर सामान्यतः विषुवत रेखा के ऊपर चारों ओर स्थित है। वस्तुतः यह एक दोलायमान (Swinging) पट्टी है। ITCZ वह क्षेत्र है, जहाँ उत्तर-पूर्वी एवं दक्षिण-पूर्वी व्यापारिक पवनें मिलती हैं। दोनों पवनों के मिलने से विषुवतीय पछुवा पवनों की उत्पत्ति होती है।

कॉफी वर्षा एवं चेरी ब्लॉसम का सम्बंध है?
⇒ ग्रीष्म ऋतु के समाप्त होते ही पूर्व मानसून की बौछार से (कर्नाटक)
आम्र वर्षा (Mango Shower) किस राज्य से सम्बंधित है?
 केरल एवं तटीय कर्नाटक
भारत में दक्षिण-पश्चिमी मानसून का समय सामान्यतः कब से कब तक होता है?
⇒ जून से सितम्बर तक 
भारत में मानसून का आगमन सबसे पहले किस राज्य में होता है?
⇒ केरल में
भारत में नॉर्वेस्टर की उत्पत्ति कहाँ होती है?
⇒ छोटा नागपुर पठार पर है?
तमिलनाडु में मानसून के सामान्य महीने कौन से हैं?
⇒ नवम्बर-दिसम्बर
भारतीय मानसून को प्रभावित करने वाले घटक कौन से हैं?
⇒ तिब्बत का पठार, जेट स्ट्रीम, एलनिनो एवं ला निना आदि
उत्तरी पूर्वी मानसून से सबसे अधिक वर्षा प्राप्त करने वाला राज्य कौन सा है?
⇒ तमिलनाडु
भारत के किन क्षेत्रों में औसत वार्षिक वर्षा दो सौ मिलीमीटर होती है?
 जम्मू-कश्मीर व पश्चिमी राजस्थान
अमृतसर एवं शिमला लगभग एक ही अक्षांश पर स्थित हैं, किन्तु उनकी जलवायु में भिन्नता का मुख्य कारण है?
⇒ उनकी ऊँचाई में भिन्नता
भारत में सर्वाधिक दैनिक तापान्तर किस स्थान पर पाया जाता है?
 राजस्थान के मरुस्थलीय क्षेत्रों में 
भारत में मानसून के प्रस्फोट के लिए किसे उत्तरदायी माना जाता है?
 पूर्वी जेट प्रवाह को

भारत में वर्षा का वितरण (Distribution of Rainfall in India)

  • भारत में औसत वार्षिक वर्षा लगभग 125 सेमी. होती है, परन्तु इसमें क्षेत्रीय भिन्नताएँ पाई जाती हैं, जो निम्नवत हैं
  1. अधिक वर्षा वाले क्षेत्र : पश्चिमी घाट, उत्तर:- पूर्व के उप- हिमालयी क्षेत्र तथा मेघालय की पहाड़ियों पर अधिक वर्षा होती है। यहाँ वर्षा 200 सेमी. से अधिक होती है। खासी और जयंतिया पहाड़ियों के कुछ भागों में 1000 सेमी. से भी अधिक वर्षा होती है। ब्रह्मपुत्र घाटी तथा निकटवर्ती पहाड़ियों पर 200 सेमी. से कम वर्षा होती है ।
  2. मध्यम वर्षा के क्षेत्र : गुजरात के दक्षिणी भाग, पूर्वी तमिलनाडु, ओडिशा सहित उत्तर पूर्वी प्रायद्वीप, झारखंड, बिहार, पूर्वी मध्य प्रदेश, उप- हिमालय के साथ लगा हुआ गंगा का उत्तरी मैदान, कछार घाटी और मणिपुर में 100 से 200 सेमी. के बीच वर्षा होती है।
  3. न्यून वर्षा के क्षेत्र : पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, जम्मू व कश्मीर, पूर्वी राजस्थान, गुजरात तथा दक्कन के पठार पर वर्षा 50 से 100 सेमी. के बीच होती है।
  4. अत्यल्प वर्षा के क्षेत्र : प्रायद्वीपीय भारत के कुछ भागों, विशेष रूप से आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र के वृष्टि छाया प्रदेश (Rain Shadow Regions) व लद्दाख और पश्चिमी राजस्थान के अधिकतर भागों में 50 सेमी. से कम वर्षा होती है।
जेट स्ट्रीम क्षोभमण्डल के मध्य अक्षांशों में धरातल से 12 किमी. ऊपर पश्चिम से पूर्व दिशा में चलने वाली एक 10 प्रवाह का नाम है।

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