आनुवंशिकता और विकास (Class 10)
भूमिका
हम सभी अपने माता-पिता से मिलते-जुलते क्यों होते हैं? किसी के बाल घुंघराले क्यों होते हैं तो किसी के सीधे? कुछ लोग लंबे क्यों होते हैं और कुछ छोटे? इन सभी सवालों का जवाब आनुवंशिकता (Heredity) और विकास (Evolution) में छुपा है।
कक्षा 10 जीवविज्ञान का यह अध्याय जीवन के सबसे रोचक और वैज्ञानिक पहलुओं को समझाता है।
आनुवंशिकता क्या है?
आनुवंशिकता वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा माता-पिता के गुण संतान में स्थानांतरित होते हैं।
जैसे –
- आंखों का रंग
- बालों का रंग
- त्वचा का रंग
- कद-काठी
इन गुणों का स्थानांतरण जीन (Gene) के माध्यम से होता है।
जीन क्या होते हैं?
जीन हमारे शरीर की सबसे छोटी आनुवंशिक इकाई होती है।
- जीन डीएनए (DNA) से बने होते हैं
- ये गुणसूत्र (Chromosome) पर पाए जाते हैं
- जीन ही तय करते हैं कि व्यक्ति के गुण कैसे होंगे
डीएनए और गुणसूत्र
- डीएनए (DNA) : यह आनुवंशिक जानकारी का वाहक होता है
- गुणसूत्र (Chromosome) : डीएनए से बने धागे जैसे ढांचे
- मनुष्य में कुल 23 जोड़े (46) गुणसूत्र होते हैं
लक्षण (Traits) क्या हैं?
किसी जीव का दिखाई देने वाला गुण लक्षण कहलाता है।
जैसे –
- ऊँचाई (लंबा या बौना)
- आंखों का रंग
- बालों का प्रकार
मेंडल का प्रयोग (Mendel’s Experiments)
आनुवंशिकता के जनक ग्रेगर जोहान मेंडल माने जाते हैं।
उन्होंने मटर के पौधों पर प्रयोग किए।
मटर के पौधे क्यों चुने?
- जल्दी पीढ़ी बदलते हैं
- स्पष्ट लक्षण होते हैं
- स्वपरागण करते हैं
मेंडल का एकल संकरण (Monohybrid Cross)
जब केवल एक लक्षण का अध्ययन किया जाता है, तो उसे एकल संकरण कहते हैं।
उदाहरण:
लंबा पौधा (TT) × बौना पौधा (tt)
F₁ पीढ़ी: सभी पौधे लंबे
F₂ पीढ़ी:
- 3 लंबे
- 1 बौना
अनुपात = 3 : 1
प्रभावी और अप्रभावी लक्षण
- प्रभावी (Dominant): जो हमेशा दिखाई देता है
- अप्रभावी (Recessive): जो दबा रहता है
उदाहरण:
- लंबा कद → प्रभावी
- बौना कद → अप्रभावी
मेंडल का द्विलक्षणीय संकरण (Dihybrid Cross)
जब दो लक्षणों का अध्ययन किया जाता है।
उदाहरण:
- बीज का रंग (पीला/हरा)
- बीज का आकार (गोल/झुर्रीदार)
अनुपात = 9 : 3 : 3 : 1
लिंग निर्धारण (Sex Determination)
मनुष्य में लिंग निर्धारण XY प्रणाली द्वारा होता है।
- पुरुष → XY
- महिला → XX
👉 बच्चे का लिंग पिता के गुणसूत्र से तय होता है।
अर्जित लक्षण और वंशानुगत लक्षण
अर्जित लक्षण:
- जीवन में सीखे गए
- अगली पीढ़ी में नहीं जाते
- बॉडी बिल्डिंग
- पढ़ाई से ज्ञान
वंशानुगत लक्षण:
- जन्म से मिले
- पीढ़ी दर पीढ़ी जाते हैं
विकास (Evolution) क्या है?
विकास वह प्रक्रिया है जिसमें जीवों में धीरे-धीरे परिवर्तन होते हैं और नई प्रजातियाँ बनती हैं।
विकास के प्रमाण
1. समरूप अंग (Homologous Organs)
- संरचना समान
- कार्य अलग
उदाहरण:
- मनुष्य का हाथ
- पक्षी का पंख
2. अनुरूप अंग (Analogous Organs)
- संरचना अलग
- कार्य समान
उदाहरण:
- पक्षी का पंख
- कीट का पंख
जीवाश्म (Fossils)
जीवाश्म पुराने जीवों के अवशेष होते हैं।
ये विकास का सबसे ठोस प्रमाण हैं।
प्रजाति निर्माण (Speciation)
नई प्रजाति बनने की प्रक्रिया को प्रजाति निर्माण कहते हैं।
कारण:
- भौगोलिक पृथक्करण
- आनुवंशिक परिवर्तन
- प्राकृतिक चयन
प्राकृतिक चयन (Natural Selection)
चार्ल्स डार्विन द्वारा दिया गया सिद्धांत।
जो जीव पर्यावरण के अनुसार खुद को ढाल लेते हैं, वही जीवित रहते हैं।
विकास और वर्गीकरण का संबंध
- जो जीव जितने अधिक समान
- उनका विकास संबंध उतना ही निकट
मानव विकास (Human Evolution)
मनुष्य का विकास बंदर से नहीं, बल्कि समान पूर्वज से हुआ।
क्रम:
- ड्रायोपिथेकस
- ऑस्ट्रेलोपिथेकस
- होमो हैबिलिस
- होमो इरेक्टस
- होमो सेपियंस
निष्कर्ष
आनुवंशिकता और विकास हमें यह समझाते हैं कि
- हम जैसे हैं वैसे क्यों हैं
- जीवन कैसे बदला
- प्रजातियाँ कैसे बनीं
यह अध्याय न सिर्फ परीक्षा के लिए बल्कि जीवन को वैज्ञानिक दृष्टि से समझने के लिए बेहद जरूरी है।
