पर्यावरण और संसाधन : आसान भाषा में सम्पूर्ण जानकारी

 


पर्यावरण और संसाधन (Class 10) 

भूमिका

मानव जीवन पूरी तरह से पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर है। हवा, पानी, मिट्टी, जंगल, खनिज, जीव-जंतु – ये सभी मिलकर पर्यावरण बनाते हैं। यदि संसाधनों का संतुलित और समझदारी से उपयोग नहीं किया गया तो भविष्य में मानव जीवन संकट में पड़ सकता है।
कक्षा 10 का यह अध्याय हमें यह सिखाता है कि संसाधन क्या हैं, उनका वर्गीकरण कैसे होता है और उनका संरक्षण क्यों आवश्यक है

पर्यावरण क्या है?

पर्यावरण वह समग्र परिवेश है जिसमें जीव और निर्जीव दोनों घटक शामिल होते हैं।

पर्यावरण के घटक

जैव घटक

  • मनुष्य
  • पौधे
  • पशु
  • सूक्ष्म जीव

अजैव घटक

  • हवा
  • पानी
  • मिट्टी
  • तापमान
  • सूर्य का प्रकाश

संसाधन क्या हैं?

संसाधन वे वस्तुएँ हैं जो मानव की आवश्यकताओं को पूरा करती हैं और जिनका उपयोग आर्थिक विकास के लिए किया जाता है।

संसाधनों के उदाहरण

  • जल
  • भूमि
  • वन
  • खनिज
  • ऊर्जा स्रोत

संसाधनों का वर्गीकरण

संसाधनों को कई आधारों पर वर्गीकृत किया गया है।

1. उत्पत्ति के आधार पर संसाधन

(क) जैव संसाधन

जो जीवित वस्तुओं से प्राप्त होते हैं।
उदाहरण:

  • वन
  • पशु
  • मछली

(ख) अजैव संसाधन

जो निर्जीव होते हैं।
उदाहरण:

  • खनिज
  • जल
  • वायु

2. नवीकरणीयता के आधार पर संसाधन

(क) नवीकरणीय संसाधन

जो उपयोग के बाद फिर से प्राप्त किए जा सकते हैं।
उदाहरण:

  • सौर ऊर्जा
  • पवन ऊर्जा
  • जल

(ख) अनवीकरणीय संसाधन

जो एक बार खत्म होने पर दोबारा नहीं मिलते।
उदाहरण:

  • कोयला
  • पेट्रोलियम
  • प्राकृतिक गैस

3. विकास के स्तर के आधार पर संसाधन

(क) संभावित संसाधन

जो उपलब्ध हैं लेकिन अभी उपयोग में नहीं लाए गए।
उदाहरण:

  • राजस्थान में सौर ऊर्जा

(ख) विकसित संसाधन

जिनका उपयोग हो रहा है।
उदाहरण:

  • कोयला खदान

(ग) स्टॉक

तकनीक के अभाव में उपयोग न किए जा सकने वाले संसाधन।
उदाहरण:

  • समुद्र का हाइड्रोजन

(घ) संचित संसाधन

जिन्हें भविष्य के लिए बचा कर रखा गया है।

4. स्वामित्व के आधार पर संसाधन

(क) व्यक्तिगत संसाधन

जो व्यक्ति की निजी संपत्ति हों।
उदाहरण:

  • खेत
  • मकान

(ख) सामुदायिक संसाधन

जो समुदाय के लिए होते हैं।
उदाहरण:

  • चरागाह
  • तालाब

(ग) राष्ट्रीय संसाधन

जो देश के अधिकार क्षेत्र में आते हैं।
उदाहरण:

  • रेलवे
  • खनिज

(घ) अंतर्राष्ट्रीय संसाधन

जो किसी एक देश के नहीं होते।
उदाहरण:

  • खुले समुद्र

संसाधनों के संरक्षण की आवश्यकता

तेजी से बढ़ती जनसंख्या और औद्योगीकरण के कारण संसाधनों का अत्यधिक दोहन हो रहा है।

संरक्षण क्यों जरूरी है?

  • भविष्य की पीढ़ी के लिए
  • पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए
  • जैव विविधता की रक्षा के लिए

संसाधन संरक्षण की अवधारणा

1. टिकाऊ विकास

वर्तमान की जरूरतें पूरी करना, बिना भविष्य को नुकसान पहुंचाए।

2. संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग

  • कम उपयोग
  • पुनः उपयोग
  • पुनर्चक्रण

भूमि संसाधन

भूमि सबसे महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन है।

भूमि उपयोग के प्रकार

  • कृषि भूमि
  • वन भूमि
  • बंजर भूमि

भूमि क्षरण के कारण

  • अति कृषि
  • वनों की कटाई
  • खनन

भूमि संरक्षण उपाय

  • वनीकरण
  • फसल चक्र
  • कंटूर जुताई

मृदा (मिट्टी) संरक्षण

मिट्टी कृषि की रीढ़ है।

मृदा अपरदन के कारण

  • तेज वर्षा
  • हवा
  • वनों की कटाई

संरक्षण उपाय

  • वृक्षारोपण
  • ढालदार खेत
  • मेड़बंदी

जल संसाधन

जल जीवन का आधार है।

जल संकट के कारण

  • जल का दुरुपयोग
  • प्रदूषण
  • वर्षा में कमी

जल संरक्षण उपाय

  • वर्षा जल संचयन
  • बांध
  • तालाब

वन संसाधन

वन पर्यावरण का संतुलन बनाए रखते हैं।

वनों के लाभ

  • ऑक्सीजन
  • वर्षा
  • जैव विविधता

वनों की कटाई के कारण

  • कृषि विस्तार
  • उद्योग
  • शहरीकरण

संरक्षण उपाय

  • सामाजिक वानिकी
  • संयुक्त वन प्रबंधन

खनिज संसाधन

खनिज औद्योगिक विकास की नींव हैं।

खनिज के प्रकार

  • धात्विक
  • अधात्विक
  • ऊर्जा खनिज

खनन के दुष्प्रभाव

  • भूमि क्षरण
  • जल प्रदूषण
  • वन नाश

ऊर्जा संसाधन

ऊर्जा आधुनिक जीवन की आवश्यकता है।

परंपरागत ऊर्जा

  • कोयला
  • पेट्रोलियम

अपरंपरागत ऊर्जा

  • सौर ऊर्जा
  • पवन ऊर्जा
  • बायोगैस

संसाधन नियोजन

संसाधनों का संतुलित और योजनाबद्ध उपयोग ही विकास की कुंजी है।

संसाधन नियोजन के चरण

  1. संसाधनों की पहचान
  2. तकनीकी विकास
  3. योजना और क्रियान्वयन

निष्कर्ष

पर्यावरण और संसाधन मानव जीवन के आधार हैं। यदि इनका संरक्षण नहीं किया गया तो विकास टिकाऊ नहीं रहेगा। इसलिए हमें संसाधनों का संतुलित, न्यायपूर्ण और समझदारी से उपयोग करना चाहिए।


और नया पुराने