रबड़ से पेंसिल का निशान क्यों मिट जाता है?

 रबड़ से पेंसिल का निशान क्यों मिट जाता है?

रबड़ से पेंसिल का निशान क्यों मिट जाता है?

👉 तुम पेंसिल में जो काला सिक्का देखते हो, दरअसल वह ग्रेफाइट और मिट्टी के मिश्रण से बनाया जाता है। ग्रेफाइट कार्बन का ही एक अपरूप है। लिखते समय ग्रेफाइट एक बल (अवलंब) के द्वारा कागज पर चिपक जाता है।
रबड़ से रगड़ने पर ग्रेफाइट का स्थान बदल जाता है। कारण, रबड़ का बल कागज के चिपकाने के बल से ज्यादा रहता है। इस प्रक्रिया में कागज तो साफ हो जाता है लेकिन रबड़ काला हो जाता है।

जलती हुई अंगीठी वाले बंद कमरे में सोना क्यों मना है?

👉 जलती हुई अंगीठी से कार्बन मोनो-ऑक्साइड गैस उत्पन्न होती है जो अत्यंत विषैली है। यदि कमरे के सारे दरवाजे और खिड़कियां बंद हों, तो कमरे की ऑक्सीजन गैस शीघ्र समाप्त हो जाएगी। फलस्वरूप बनने वाली कार्बन मोनो-ऑक्साइड गैस बाहर नहीं निकल सकेगी। यह गैस सोए हुए मनुष्य के शरीर में प्रवेश करके रक्त को विषाक्त (जहरीला) बना देती है।
इस गैस के वातावरण में अधिक देर तक सांस लेने से मनुष्य की मृत्यु भी हो सकती है। अत: जलती हुई अंगीठी वाले बंद कमरे में नहीं सोना चाहिए।

कोयले की अंगीठी में आग मिट्टी के तेल में डुबोए गए कपड़े के किसी टुकड़े को जलाकर आरंभ क्यों की जाती है?

👉 कोई भी पदार्थ तब आग पकड़ता है जब वह एक विशिष्ट-ताप प्राप्त कर लेता है। इस ताप को उस पदार्थ का ज्वलन-ताप कहते हैं। कोयले की अंगीठी में आग मिट्टी के तेल (किरोसिन) में डुबोए गए कपड़े के किसी टुकड़े को जलाकर इसलिए आरंभ की जाती है ताकि अंगीठी में आग ज्वलन-ताप तक पहुंच सके।

आग गरम क्यों होती है?

👉 जलने की प्रक्रिया में उष्मा उत्पन्न होती है। इस ऑक्सीजन की उपस्थिति में हाइड्रोजन के जलने की प्रक्रिया को इस प्रकार स्पष्ट कर सकते हैं।  जब ऑक्सीजन, हाइड्रोजन के साथ संयोग करके अणु आबंध बनाती है, तो यह हाइड्रोजन द्वारा दिए गए इलेक्ट्रॉनों से अत्यधिक प्रबल आबंध बनाती
है। इस प्रक्रिया में हाइड्रोजन परमाणु अपने इलेक्ट्रॉन खो देता है जबकि ऑक्सीजन परमाणु एक इलेक्ट्रॉन प्राप्त करता है। किसी भी परमाणु में से एक इलेक्ट्रॉन को कम करने के लिए ऊर्जा की
आवश्यकता होती है। अतः ऊर्जा का परिमाण आवश्यक ऊर्जा से कहीं अधिक होता है जिससे उष्मा उत्पन्न होती है। यही कारण है कि आग गरम होती है।

मोमबत्ती की लौ के बीच का हिस्सा पीला क्यों दिखाई देता है?

👉 मोमबत्ती की बत्ती के पास लौ का सबसे निचला हिस्सा (भाग) मोमबत्ती के धागे के बिना जले हुए कार्बन के कणों के कारण काला होता है। जब शेष कण लौ के साथ ऊपर उठते हैं, तो ये चमकते हैं जिससे लौ के बीच का भाग पीला दिखाई देता है।

धूप से अचानक कमरे में आने पर तुम्हें चीजें साफ क्यों नहीं दिखाई देती?

👉 जब तुम धूप से अचानक कमरे में आते हो, तो तुम्हें चीजें साफ नहीं दिखाई देतीं। धूप के कारण तुम्हारी आंखों की पुतलियां सिकुड़ जाती हैं। जब तुम अचानक कमरे में प्रवेश करते हो, तब उन्हें फैलने में थोड़ा समय लग जाता है। अतः तुम धीरे-धीरे वस्तुओं को ठीक से साफ-साफ देख पाते हो।

शौच के बाद हाथों को भली-भांति धोना क्यों आवश्यक है?

👉 शौच के बाद साबुन या अन्य पदार्थ (मिट्टी, राख आदि) से हाथों को भली-भांति धोना जरूरी है ताकि तुम स्वस्थ रह सको। शौच के बाद हाथों में कीटाणु चिपके रहते हैं। यदि उन्हें साफ न करें तो
खाना खाते समय ये कीटाणु पेट में पहुंचकर बीमारियां फैला सकते हैं कभी-कभी दूसरे व्यक्तियों से हाथ मिलाने पर उनमें भी ये कीटाणु पहुंचकर बीमारियों को न्योता दे सकते हैं।

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