बिजली की इस्त्री को तुम अंधेरे में क्यों नहीं देख सकते?
बिजली की इस्त्री को तुम अंधेरे में क्यों नहीं देख सकते?
👉 बिजली की इस्त्री जब गरम होती है, तो इसमें से अवरक्त किरणों का विकिरण होता है (सूर्य विभिन्न तरंगदैर्ध्य के प्रकाश का विकिरण करता है। बैंगनी रंग के प्रकाश की तरंगदैर्ध्य कम तथा लाल रंग की तरंगदैर्ध्य अधिक होती है। लाल रंग के तरंगदैर्ध्य से अधिक तरंगदैर्ध्य के प्रकाश को अवरक्त
प्रकाश कहते हैं)। इसका अनुभव तुम इसके निकट आकर कर सकते हो। यह इस्त्री तुम्हें अंधेरे में दिखाई नहीं देती क्योंकि यह इतनी गरम होती नहीं कि दृश्य-प्रकाश का विकिरण कर सके। अवरक्त-प्रकाश की किरणें तुम्हें दिखाई नहीं देतीं।
हाइड्रोजन गैस से भरा गुब्बारा हवा में ऊपर की ओर क्यों जाता है?
👉 हवा में कई प्रकार की गैसें मौजूद रहती हैं। कुछ गैसें हवा से भारी होती हैं, तो कुछ हवा से हल्की। हाइड्रोजन भी एक ऐसी ही गैस है जो हवा से हल्की होती है। जब गुब्बारे में हाइड्रोजन गैस भर दी जाती है, तो गुब्बारा हवा का जितना आयतन (वस्तु द्वारा घेरा गया स्थान) हटाता है, उसका भार गुब्बारे के भार से अधिक होता है। इसीलिए, गुब्बारा हवा में ऊपर की ओर जाता है।
पानी और दूध जैसे द्रव पदार्थों को नीचे से ही क्यों गरम किया जाता है?
👉 पानी और दूध जैसे सभी द्रव पदार्थों में उष्मा का स्थानांतरण संवहन विधि से ही होता है। इस विधि में द्रव के ठंडे कण भारी होने के कारण उष्मा के स्रोत के पास नीचे की ओर जाते हैं। ये कण गरम होकर हल्के हो जाते हैं जिससे ऊपर की ओर उठते हैं। अत: पानी और दूध जैसे द्रव पदार्थों को हमेशा नीचे से गरम किया जाता है।
पानी को गरम करने से वह भाप में क्यों बदल जाता है?
👉 पानी छोटे-छोटे अणुओं से मिलकर बना है। जब पानी को गरम किया जाता है, तो इसके अणुओं को ऊर्जा मिल जाती है। ऊर्जा मिलने से अणुओं की गति भी बढ़ जाती है। नतीजा यह निकलता है कि अणुओं के बीच में आकर्षण-बल कम हो जाता है और अणु एक दूसरे से दूर-दूर हो जाते हैं।
इत्र की सुगंध को कमरे के एक कोने से दूसरे कोने तक पहुंचने में कुछ समय क्यों लगता है?
👉 इत्र में जो अणु होते हैं, उनमें एक प्रकार की गति होती है जिसके कारण वे इधर-उधर टकराते हैं। जानते हो, इस गति का नाम क्या है? यह ब्राउनियन गति कहलाती है। तो, ब्राउनियन-गति से अणु इधर-उधर टकराते हुए ही एक कोने से दूसरे कोने तक पहुंच पाते हैं। अणुओं की इस गति में थोड़ा-सा समय लग जाता है। अत: इत्र की सुगंध को पूरे कमरे में फैलने में थोड़ा समय जरूर लगता है।
बंद बरतन में जलती हुई मोमबत्ती कुछ देर बाद बुझ क्यों जाती है?
👉 मोमबत्ती को जलने के लिए एक गैस की जरूरत पड़ती है, जिसे 'प्राणवायु' अर्थात ऑक्सीजन कहते हैं। बरतन में जब तक ऑक्सीजन गैस मौजूद रहती है, मोमबत्ती जलती रहती है। कुछ देर बाद जब बरतन की समस्त ऑक्सीजन जलने में काम आ जाती है, तब बरतन में कार्बन-डाइ-ऑक्साइड (अशुद्ध वायु) की अधिकता हो जाती है। परिणामस्वरूप मोमबत्ती बुझ जाती है।
पानी में चीनी क्यों घुल जाती है?
👉 चीनी के अणु आकर्षण-बल के कारण आपस में बंधे रहते हैं, अत: ये स्वतंत्रापूर्वक गति नहीं कर सकते । पानी के अणुओं के बीच आकर्षण-बल कम होता है जिससे ये स्वतंत्रतापूर्वक गति कर सकते हैं। जब चीनी पानी में डाली जाती है, तो पानी के अणु चीनी के अणुओं से टकराते हैं जिससे चीनी के अणु अलग होकर गति करने लगते हैं। इस गति के कारण ही चीनी के अणु पानी में घुलकर विलयन (घोल) बना लेते हैं।