रंगीन कपड़ा रात्रि को क्यों नहीं खरीदना चाहिए?

 रंगीन कपड़ा रात्रि को क्यों नहीं खरीदना चाहिए?

रंगीन कपड़ा रात्रि को क्यों नहीं खरीदना चाहिए?

👉 सूर्य का प्रकाश सात रंगों से मिलकर बना है-बैंगनी, नीला, आसमानी, हरा, पीला, नारंगी और लाल। किसी वस्तु का रंग, रंगों के परावर्तन तथा अवशोषण के कारण होता है। अतः जो कपड़ा तुम दिन में पहनते हो, वह रात को अलग रंग का दिखाई देता है क्योंकि रात्रि का प्रकाश कृत्रिम (बनावटी) होता है। इसमें प्रायः सूर्य के प्रकाश की भांति सात रंगों का क्रम नहीं पाया जाता।
इसीलिए, रात्रि में कपड़ा खरीदते समय रंग की भूल हो जाने के कारण कपड़ा नहीं खरीदना चाहिए।

इंद्रधनुष वर्षा के बाद ही क्यों दिखाई देता है?

👉 कांच के तिकोने टुकड़े को प्रिज्म या त्रिपार्श्व कहते हैं। जब सूर्य का प्रकाश प्रिज्म के एक फलक (सिरे) पर पड़ता है, तो विचलित होकर यह सात रंगों में विभाजित हो जाता है। यह क्रिया विक्षेपण कहलाती है। इंद्रधनुष का बनना भी प्रकाश के इसी विक्षेपण का एक उदाहरण है। वर्षा के बाद वायुमंडल में पानी की बूंदें उपस्थित रहती हैं। जब सूर्य का प्रकाश इन बूंदों पर गिरता है, तो बूंदें प्रिज्म का काम करने लगती हैं और सूर्य के प्रकाश को सात रंगों में विभाजित कर देती हैं । अतः इंद्रधनुष बन जाता है। वर्षा के पूर्व वायुमंडल में नमी न रहने के कारण इंद्रधनुष का बनना असंभव घटना है।

पानी से भरे टब में तल पर रखा हुआ सिक्का तुम्हें ऊंचा उठा हुआ क्यों प्रतीत होता है?

👉 वह भौतिक साधन जिसमें से प्रकाश गुजरता है, माध्यम कहलाता है माध्यम दो प्रकार के होते हैं-विरल और सघन । वायु विरल माध्यम है जबकि कांच तथा पानी सघन माध्यम के उदाहरण हैं। अपवर्तन के कारण जब प्रकाश की किरणें सघन माध्यम से चलकर विरल माध्यम में प्रवेश करती हैं, तो अभिलंब से दूर हट जाती हैं। बस, इसीलिए बाहर से देखने पर पानी से भरे टब में तल पर रखा हुआ सिक्का तुम्हें ऊंचा उठा हुआ दिखाई देता है
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