भारत में फार्मास्युटिकल उद्योग के स्थानीयकरण को प्रभावित करने वाले कारकों का विवरण दें।

 Q. भारत में फार्मास्युटिकल उद्योग के स्थानीयकरण को प्रभावित करने वाले कारकों का विवरण दें।

Ans - 

भारतीय फार्मास्युटिकल (दवा) उद्योग को वैश्विक स्वास्थ्य रक्षा तंत्र में 'विश्व का औषधालय' (Pharmacy of the World) माना जाता है। आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, भारत दवा उत्पादन की मात्रा (Volume) के आधार पर विश्व में तीसरे और मूल्य (Value) के आधार पर 11वें स्थान पर है। लौह एवं इस्पात जैसे पारंपरिक भारी उद्योगों के विपरीत, फार्मास्युटिकल उद्योग मुख्य रूप से एक 'फुटलूस उद्योग' (Footloose Industry) है, जो कच्चे माल के स्रोत क्षेत्रों से बंधा हुआ नहीं होता। इसके बावजूद, भारत में इस उद्योग का स्थानीयकरण (मुख्य रूप से पश्चिमी तट, दक्षिणी राज्यों और कुछ हिमालयी क्षेत्रों में) विशिष्ट भू-आर्थिक, तकनीकी और नीतिगत कारकों से गहराई से प्रेरित है।

फार्मास्युटिकल उद्योग के स्थानीयकरण को प्रभावित करने वाले बहुआयामी कारक

1. भौगोलिक और कच्चे माल संबंधी कारक (Geographical & Material Proximity)

  • पेट्रोरसायन हब से निकटता: दवा निर्माण के लिए आवश्यक अधिकांश कच्चे माल और सॉल्वैंट्स पेट्रोकेमिकल उप-उत्पाद होते हैं। गुजरात (जामनगर, अंकलेश्वर) और महाराष्ट्र (मुंबई, पुणे) में प्रमुख तेल रिफाइनरियों की उपस्थिति ने देश के पश्चिमी तट पर फार्मा क्लस्टर के त्वरित विकास को उत्प्रेरित किया है।

  • बंदरगाहों (Ports) की उपलब्धता: भारत अपने सक्रिय फार्मास्युटिकल अवयवों (APIs) का एक बड़ा हिस्सा चीन से आयात करता है और अपने तैयार उत्पादों को अफ्रीका, यूरोप और अमेरिका में निर्यात करता है। कांडला, जेएनपीटी (JNPT) और विशाखापत्तनम जैसे बंदरगाहों की निकटता रसद लागत (Logistics cost) को न्यूनतम करती है और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को सुचारू बनाती है।

2. नीतिगत और विधिक प्रोत्साहन (Political & Legal Incentives)

  • कर अवकाश (Tax Holidays) और विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZs): हिमाचल प्रदेश (बद्दी), उत्तराखंड और सिक्किम जैसे हिमालयी राज्यों में फार्मा क्लस्टर का विकास विशुद्ध रूप से राज्य और केंद्र सरकार द्वारा दी गई उत्पाद शुल्क (Excise Duty) में छूट और अनुकूल औद्योगिक नीतियों का परिणाम है।

  • राष्ट्रीय सुरक्षा और पीएलआई (PLI) योजना: कच्चे माल के लिए आयात निर्भरता कम करने हेतु, सरकार की 15,000 करोड़ रुपये की उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (PLI) योजना और तीन नए 'मेगा बल्क ड्रग पार्क' (गुजरात, हिमाचल प्रदेश और आंध्र प्रदेश) की स्थापना इस उद्योग के भविष्य के स्थानीयकरण को नए सिरे से आकार दे रही है।

3. तकनीकी एवं अवसंरचनात्मक कारक (Technological & Infrastructural Factors)

  • अनुसंधान और विकास (R&D) पारिस्थितिकी तंत्र: फार्मा एक ज्ञान-सघन (Knowledge-intensive) उद्योग है। हैदराबाद (जीनोम वैली) और बेंगलुरु जैसे शहरों में विश्वस्तरीय आईटी अवसंरचना, बायोटेक पार्क और शोध संस्थानों की उपस्थिति उन्हें क्लिनिकल रिसर्च और बायोफार्मास्यूटिकल्स के लिए आदर्श केंद्र बनाती है।

  • निर्बाध उपयोगिता आपूर्ति: उच्च-स्तरीय दवाओं के निर्माण, भंडारण और परीक्षण के लिए 24x7 बिजली आपूर्ति और कोल्ड-चेन (Cold-chain) लॉजिस्टिक्स की अनिवार्यता होती है, जो विकसित राज्यों के औद्योगिक गलियारों में आसानी से उपलब्ध है।

4. सामाजिक और जनसांख्यिकीय कारक (Social & Demographic Factors)

  • कुशल मानव संसाधन (Skilled Workforce): इस उद्योग को सस्ते अकुशल श्रमिकों की तुलना में फार्मासिस्ट, सूक्ष्म जीव विज्ञानी (Microbiologists) और रासायनिक इंजीनियरों की अधिक आवश्यकता होती है। पुणे, हैदराबाद और दिल्ली-एनसीआर जैसे प्रमुख शैक्षिक हब उन्नत और कुशल कार्यबल की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करते हैं।

भारत में फार्मास्युटिकल उद्योग का स्थानीयकरण अब केवल प्राकृतिक और भौगोलिक कारकों से नहीं, बल्कि तकनीकी उत्कृष्टता, अवसंरचनात्मक सुदृढ़ता और रणनीतिक सरकारी हस्तक्षेप द्वारा निर्धारित हो रहा है।

आगे की राह: भारत को केवल 'जेनेरिक दवाओं' (Generic Drugs) के बड़े उत्पादक होने तक सीमित न रहकर, मूल्य-वर्धित नवाचार (Value-added Innovation) और अनुसंधान पर जीडीपी का निवेश बढ़ाना चाहिए। एपीआई (API) निर्माण में पूर्ण आत्मनिर्भरता प्राप्त करके और माशेल्कर समिति की सिफारिशों के अनुरूप कड़े गुणवत्ता मानकों (WHO-GMP) को लागू करके ही भारत सतत विकास लक्ष्य-3 (SDG 3: उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाली) को यथार्थ में बदल सकता है। यह न केवल 'स्वस्थ एवं आत्मनिर्भर भारत 2047' के विजन को मजबूत करेगा, बल्कि 'वसुधैव कुटुम्बकम' के दर्शन को चरितार्थ करते हुए संपूर्ण विश्व की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में भारत की सामरिक भूमिका को और अधिक प्रामाणिक बनाएगा।

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